Monday, 25 May 2020

Child song- School Bag

आइए एक बाल-गीत पढ़े। यह स्कूल जाने वाले बच्चों की  मस्ती और मुश्किलों पर है।

शीर्षक -स्कूल का बस्ता

स्कूल का बस्ता
है कितना हँसता 
रखूँ इसमें खस्ता
हो जाएगा नाश्ता। 

चार पोथी इसमें आए
तीन मुझे खूब भाए
गणित मुझे बहुत रूलाए
हिन्दी मुझे बहुत भाए।

छः काॅपी इसमें रखूँ
बार-बार इन्हें देखूँ 
फिर जाचूँ फिर परखूँ
ड्राइंग काॅपी देख हरसूँ।

हैं इसमें चार खाने
इसके हैं बहुँत माने
एक में पेंसिल का बंच
दूजे में बक्सा भर लंच।

अब पानी का बोतल ले लूँ
भारी इतना झुक कर चलूँ 
सब मिलकर किलो आठ
चलते लगूँ उम्र साठ।

छुट्टी हुई बस्ता ले दौड़ा
बस्ता दरवाजा में अड़ा
पीछे से बच्चों ने धकडा
गिरते-पड़ते बस को पकड़ा। 

घर पहुँचते थक-कर चूर
खाना-खेलना भूलकर
होमवर्क की चिंता में आतुर
आखिर क्यों है हम इतने मजबूर ?
आखिर क्यों है हम इतने मजबूर ?

सादर। 
विकास प्रसाद 
प्रयागराज।

1 comment:

  1. It is a beautiful child song expressing the joy and difficulty of a school going child. Beautiful and awesome.

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