सूर्य अपनी पहली किरण के साथ आशा का संचार करता हुआ नित दिन आता है। इसी कड़ी में उसी से प्रेरित एक उद्गार -
शीर्षक-आओ मन की बात करें ।
शीर्षक-आओ मन की बात करें ।
अपने दिल की गाँठें खोल
मनो मैल पर हमला बोल
आओ मन की बात करें ।
मनो मैल पर हमला बोल
आओ मन की बात करें ।
छाई है चहुँ ओर कालिमा
फैलाकर हृदय में सूर्य लालिमा
मिल-जुलकर प्रकाश करें
आओ मन की बात करें ।
फैलाकर हृदय में सूर्य लालिमा
मिल-जुलकर प्रकाश करें
आओ मन की बात करें ।
दीन-हीन फैलाए हाथ
आओ लेले उन्हें साथ
कष्टों को मिल-बाट हरे
आओ मन की बात करें ।
आओ लेले उन्हें साथ
कष्टों को मिल-बाट हरे
आओ मन की बात करें ।
ठहरी हुई नैराश्य पर
आशा का संचार करें
हाथों में ले एक-दूजे का हाथ
आओ मन की बात करें ।
आशा का संचार करें
हाथों में ले एक-दूजे का हाथ
आओ मन की बात करें ।
हुई है धरा दग्ध विश्व विकल
तज निज मन तृष्णा को
नव सृजन का संसार रचे
आओ मन की बात करें ।
तज निज मन तृष्णा को
नव सृजन का संसार रचे
आओ मन की बात करें ।
सादर।
विकास प्रसाद
प्रयागराज।
विकास प्रसाद
प्रयागराज।
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