एक संदेश महाभारत में बार-बार आता है. हर बार कुछ नए पात्रों और नई कथा के साथ-
यह कि हम इच्छा कर सकते हैं, प्रयास कर सकते हैं और परिणाम सुनिश्चित करने के लिए कठोरतम और निर्ममतम क़दम उठा सकते हैं, लेकिन अंतत: जो होता है वह हमारे हाथ में नहीं होता. किसी और के हाथ में होता है.
यह कि हम इच्छा कर सकते हैं, प्रयास कर सकते हैं और परिणाम सुनिश्चित करने के लिए कठोरतम और निर्ममतम क़दम उठा सकते हैं, लेकिन अंतत: जो होता है वह हमारे हाथ में नहीं होता. किसी और के हाथ में होता है.
No comments:
Post a Comment